नई दिल्ली/मुरादनगर।
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के तहत संचालित नमो भारत ट्रेन में छात्र-छात्रा द्वारा शारीरिक संबंध बनाने का वीडियो सामने आने के बाद एनसीआरटीसी (National Capital Region Transport Corporation) ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुरादनगर थाने में चलती ट्रेन में अभद्र कृत्य करने वाले छात्र-छात्रा और वीडियो वायरल करने वाले कर्मचारी रिषभ कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
करीब एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर नमो भारत ट्रेन के अंदर का एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक और युवती को ट्रेन की सीट पर अशोभनीय हरकत करते देखा गया। बाद में कुछ और क्लिप्स भी सामने आए। बताया जा रहा है कि दोनों किसी तकनीकी संस्थान के छात्र हैं — युवक बीटेक और युवती बीसीए कोर्स की छात्रा, हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कर्मचारी पर एफआईआर और बर्खास्तगी
जांच में पता चला कि वीडियो को ट्रेन के सीसीटीवी फीड से रिकॉर्ड कर वायरल करने वाला ऑपरेटर रिषभ कुमार था। एनसीआरटीसी ने तत्काल उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब उसके खिलाफ भी आईटी एक्ट की धारा 67 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिकायत मेंटेनेंस एजेंसी डीआरआरसीटी के अधिकारी दुष्यंत कुमार की ओर से दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।
कानूनी धाराएं और सजा का प्रावधान
एसीपी मसूरी सर्किल लिपि नगायच ने बताया कि एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कृत्य), धारा 77 (वॉयेरिज़्म) और आईटी एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण) के तहत दर्ज की गई है।
सूत्रों के अनुसार,
- धारा 296 के तहत तीन महीने तक की कैद या ₹1,000 तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
- धारा 77 में एक से तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
पुलिस अब वीडियो में दिख रहे कपल की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और यात्रा डेटा खंगाल रही है।
कड़ी कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर यूजर्स ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठाए हैं। एनसीआरटीसी ने कहा है कि यह isolated incident है और यात्रियों की गोपनीयता व सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी तकनीकी प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।