पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों एक बड़ी हलचल मची हुई है। चर्चा उस सरकारी आवास की है, जो कभी बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू परिवार का ठिकाना रहा करता था। अब इसी आवास — 10 सर्कुलर रोड — को लेकर ऐसा दावा सामने आया है जिससे पूरा राजनीतिक महकमा हैरान रह गया है।

JDU का दावा: बंगले के नीचे है रहस्यमयी तहखाना

जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राबड़ी देवी के आवास के भीतर एक गुप्त तहखाना मौजूद है। उनका आरोप है कि इस तहखाने में सोना-चांदी, नकदी और बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज रखे हो सकते हैं।
उन्होंने राज्य सरकार से इस बंगले की पूरी तलाशी लेने की मांग की और कहा कि अगर सच उजागर हुआ तो यह बिहार की राजनीति के लिए “सबसे बड़ा खुलासा” साबित हो सकता है।

नीरज कुमार ने सवाल उठाया, “जब लालू परिवार का कोई सदस्य पटना में मौजूद नहीं है और तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं, तो आखिर रातों-रात बंगले से सामान क्यों हटाया जा रहा है?”

रात में सामान ले जाने का वीडियो वायरल

पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब गुरुवार की रात बंगले से कुछ गाड़ियों में पौधे और फर्नीचर ले जाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जेडीयू ने दावा किया कि इसमें सरकारी आदेशों का उल्लंघन हुआ है।
नीरज कुमार ने भवन निर्माण विभाग से मांग की कि बंगले के अंदर मौजूद फर्नीचर, पंखे, बिजली फिटिंग और पाइपलाइन तक की जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई भी सरकारी सामान गायब पाया गया, तो लालू परिवार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

20 साल पुराना ‘पावर सेंटर’ और जासूसी के आरोप

गौरतलब है कि हाल ही में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद, सरकार ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड से 39 हार्डिंग रोड वाले नए आवास में स्थानांतरित कर दिया है। पिछले 20 वर्षों से यह बंगला लालू परिवार का राजनीतिक और रणनीतिक केंद्र माना जाता था।

इस बीच, आरजेडी (RJD) ने भी जेडीयू के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध में काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लालू परिवार की जासूसी की जा रही है और “तहखाने” की कहानी सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने की चाल है।

अब सबकी निगाहें जांच पर टिकीं

राबड़ी देवी के पुराने आवास से जुड़ी यह कहानी अब बिहार की सियासत का सबसे बड़ा रहस्य बन चुकी है। जनता और विपक्ष दोनों यह देखने को उत्सुक हैं कि क्या वाकई बंगले के नीचे कोई रहस्यमय तहखाना और खजाना मौजूद है, या यह आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की महज़ एक राजनीतिक रणनीति है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *