सीरिया के होम्स प्रांत से आई खबर ने पूरे विश्व को हिला दिया है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद के भीतर विस्फोट कर दिया, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौके पर मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

नमाज के दौरान हुआ दर्दनाक धमाका

यह घटना होम्स के वादी अल-दहाब इलाके की इमाम अली बिन अबी तालिब मस्जिद में हुई, जब बड़ी संख्या में लोग जुमे की नमाज के लिए एकत्र हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही नमाज शुरू हुई, एक शख्स ने खुद को मस्जिद के अंदर विस्फोटक से उड़ा लिया। धमाका इतना तेज था कि मस्जिद की दीवारें तक हिल गईं और अंदर कोहराम मच गया।

खून से सनी कालीनें और दहशत का माहौल

अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद का दृश्य दिल दहला देने वाला था — कालीनें खून से सनी हुई थीं, धार्मिक किताबें मलबे के बीच बिखरी पड़ी थीं, और लोग अपने परिजनों की लाशों को एम्बुलेंस तक ले जाने के लिए दौड़ रहे थे। अस्पतालों में घायल लोगों की चीख-पुकार से माहौल शोक में डूबा हुआ था।

आतंक फैलाने की साजिश का शक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। होम्स प्रांत में अलावी, ईसाई और सुन्नी मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं, और अब इस हमले के बाद इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और जांच जारी है।

ISIS पर शक की सुई

फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि ISIL (ISIS) इस हमले के पीछे हो सकता है। प्रशासन ने इलाके में हाई अलर्ट जारी किया है और स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

इस आत्मघाती हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आतंकवाद किसी मजहब का नहीं होता। मासूम नमाजियों पर हमला पूरी मानवता के खिलाफ अपराध है।

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